माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 2006 में इस उद्देश्य के साथ की गई थी कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सही मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के अवसर निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएँ। शिक्षा ही समाज के समग्र विकास की सबसे मजबूत नींव है।
विद्यार्थियों का वार्षिक मार्गदर्शन (17 से शुरू)
% से अधिक बोर्ड सफलता दर
से निरंतर सेवारत (23 जनवरी)
23 जनवरी 2006 से शुरू हुई एक संकल्प यात्रा।
स्थापना के प्रारंभिक वर्षों में ट्रस्ट ने सीमित संसाधनों और छोटे स्तर पर कार्य आरंभ किया, किंतु निरंतर समर्पण, पारदर्शिता और अनुशासित प्रयासों के माध्यम से आज यह संस्था शिक्षा के क्षेत्र में एक विश्वसनीय और सम्मानित नाम बन चुकी है। ट्रस्ट ने पिछले कई वर्षों में सैकड़ों विद्यार्थियों को शैक्षणिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाते हुए उनके जीवन को नई दिशा प्रदान की है।
"हमारा मानना है कि शिक्षा ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का सबसे सशक्त माध्यम है।"
हम क्यों कार्य करते हैं?
माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मेधावी छात्र केवल आर्थिक अभाव या संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों, क्षमताओं और उज्ज्वल भविष्य से वंचित न रहे।
समग्र विकास का वातावरण
उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री और निःशुल्क कक्षाएं।
कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की विशेष तैयारी।
इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलिटेक्निक, आईटीआई हेतु मार्गदर्शन।
योग्य विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल एवं रहने की सुविधा।
कॉलेज चयन एवं भविष्य की योजना संबंधी मार्गदर्शन।
अनुशासन, नैतिक शिक्षा एवं जीवन कौशल कार्यक्रम।
निरंतर और ईमानदार प्रयासों परिणाम
एक ऐसे समाज का निर्माण करना जहाँ प्रत्येक प्रतिभाशाली छात्र को, उसकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सही मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों।
माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट का दृढ़ विश्वास है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर सहयोग के माध्यम से हर विद्यार्थी अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है। ट्रस्ट शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन बदलने और समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम मानता है। समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देना ही ट्रस्ट की सबसे बड़ी प्रेरणा और प्रतिबद्धता है।