Trust Logo
|| हरि ओउम् ||

Mata Dhanpati Devi Charitable Trust

NGO No. - HR/2017/0119039 | Regd. No. 690 Dt. 23-1-2006
Email: mddct2006@gmail.com | Website: www.matadhanpatidevi.com
Like us at: Facebook Page
Founder
Office : New Building, Shant Nagar, Near Jangra School, Kath Mandi, Rohtak-124001 (Haryana)

Progress Reports

Documenting Our Journey of Impact & Growth

2025–26

प्रगति रिपोर्ट

1. संस्था परिचय, स्थापना एवं उद्देश्य

माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट, रोहतक, वर्ष 2006 में समाजसेवा की भावना से प्रेरित होकर स्थापित किया गया। संस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा के अवसर प्रदान करना एवं आत्मनिर्भर नागरिक बनाना है। उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करके सशक्त बनाना तथा गरीबी की गर्त से निकाल कर इनके भविष्य का नवनिर्माण करना है । प्रारंभ में 17 छात्र–छात्राओंके साथ आरंभ हुई यह पहल आज सैकड़ों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बन चुकी है।

संस्था की स्थापना का मूल उद्देश्य उन विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हैं जो आर्थिक कारणों के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ट्रस्ट न केवल निशुल्क शिक्षा का प्रबन्ध करता है, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक, नैतिक एवं सामाजिक उन्नति पर भी समान रूप से ध्यान देता है। ट्रस्ट नियमित रूप से पुस्तकों, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, ट्यूशन आदि की व्यवस्था करता है, जिससे विद्यार्थी बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

2. वर्ष (2024-25) सत्र की प्रमुख उपलब्धियाँ तथा वर्तमान शैक्षणिक सत्र (2025–26)

  1. ट्रस्ट द्वारा शिक्षित आर्थिकरूप से कमजोर वर्ग के अनेक  छात्रो ने CA और BTech करके सरकारी एवं निजी क्षेत्रों की कंपनियों में ₹15 लाख से ₹ 40 लाख वार्षिक वेतन पर कार्य कर रहें है।
  2. एक छात्रा उत्तर प्रदेश पुलिस और एक छात्रा दिल्ली पुलिस कार्यरत हैं।
  3. लगभग 300 विद्यार्थी विभिन्न सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में कार्यरत होकर अपने परिवारों का गौरव बढ़ा रहे हैं।
  4. इसके अतिरिक्त अनेक विद्यार्थियों ने MBBS, BDS, BAMS और Bsc NURSING को सफलतापूर्वक पास करके तथा अपना मुकाम हासिल करने के साथ-साथ अपने माता-पिता व ट्रस्ट का नाम रौशन  किया है, जो संस्था के लिए गर्व का विषय है।
  5. वर्ष 2024-25 सत्र में 12वीं कक्षा के 21 विद्यार्थियों में से 17 विद्यार्थियों ने ‘मेरिट’ सूची में स्थान प्राप्त किया, वहीं 10वीं कक्षा के 21 में से 18 विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए। 8 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर संस्था का नाम रोशन किया।
  6. वर्ष 2025–26 में संस्था के संरक्षण में 19 विद्यालयों के लगभग 272 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
  7. वर्तमान समय ट्रस्ट प्रतिदिन चौथी(4) कक्षा से लेकर 12वी कक्षा (मेडिकल, नॉन- मेडिकल, कॉमर्स, आर्ट्स) तक निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रहा है, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में निरंतर सुधार हो रहा है।

3. सामाजिक एवं जनसेवा गतिविधियाँ

ट्रस्ट न केवल शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्था समय-समय पर रक्तदान शिविर, नेत्रदान जागरूकता अभियान, एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन करती है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में समाजसेवा की भावना विकसित की जाती है, जिससे वे एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

4. भविष्य की योजनाएँ एवं विकास कार्य

ट्रस्ट द्वारा विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के समीप 450 वर्ग गज भूमि क्रय की गई है, जहाँ लगभग ₹3 करोड़ की अनुमानित लागत से नया शैक्षणिक भवन का निर्माण किया गया है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जिसमें पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष, कंप्यूटर लैब, लिफ्ट और प्रशिक्षण हॉल है । संस्था आप सभी सहयोगियों से अपेक्षा करती है कि आप इस महान कार्य में अधिक से अधिक सहयोग देकर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करें।

5. धन्यवाद

माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट आप सभी दानदाताओं, शुभचिंतकों एवं समाजसेवियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता प्रकट करता है, जिनके सहयोग से यह सेवा–यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। संस्था का संकल्प है कि वह प्रत्येक वर्ष और अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देती रहेगी। आप से विनती है कि आप अपने सहयोगियों में से कम-से-कम एक व्यक्ति को ट्रस्ट की सदस्यता ग्रहण हेतु प्रेरित करें, ताकि इस शिक्षा-सेवा अभियान को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

2008–09

प्रगति रिपोर्ट

माता धनपति देवी चैरीटेबल ट्रस्ट की स्थापना 23.01.2006 को दिल्ली में बी-44, ईस्ट ज्योति नगर, लोनी रोड, शाहदरा, दिल्ली में की गई। इसी ट्रस्ट की एक शाखा 10.05.2006 को 598/33, गोपाल भवन, राम नगर, काठ मंडी, रोहतक (हरियाणा) में खोली गई।

इस ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य उन होनहार बच्चों को गोद लेकर पढ़ाना है, जिनके माता-पिता आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ हैं।

ट्रस्ट में पहले वर्ष में 17 बच्चों को गोद लेकर शिक्षा दिलाई गई।

साल 2007–08 में 52 बच्चों को गोद लेकर पढ़ाया गया।

साल 2008–09 में 54 बच्चों को गोद लिया गया।

इस प्रकार, इस वर्ष कुल 108 बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी ट्रस्ट द्वारा निभाई गई।

ट्रस्ट द्वारा गोद लिए हुए बच्चों की पढ़ाई संबंधित सभी आवश्यकताएँ पूरी की जाती हैं, जैसे—पूरी स्कूल फीस, ड्रेस, पेन, कॉपियाँ, रजिस्टर, किताबें इत्यादि। इसके अतिरिक्त बच्चों की ट्यूशन फीस का भी अलग से प्रबंध किया जाता है।

ट्रस्ट गोद लिए हुए बच्चों के माता-पिता की भूमिका निभाते हुए हर सप्ताह पदाधिकारी स्कूलों में जाकर बच्चों की पढ़ाई एवं उपस्थिति की प्रगति के बारे में जानकारी लेते रहते हैं।

प्रत्येक स्कूल में दो बच्चों की एक जाँच कमेटी भी बनाई गई है, जो समय-समय पर अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट तक पहुँचाती है।

बच्चों को सुंदर जीवन जीने की कला, नैतिक शिक्षा और उनकी प्रगति के लिए ट्रस्ट ने मई 2007 में बाल संस्कार केंद्र शुरू किया। यह केंद्र हर 15 दिन बाद रविवार को प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक वैश्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित होता है।

यहाँ बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान एवं विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की कला सिखाई जाती है।

इसी उद्देश्य से ट्रस्ट ने आध्यात्मिक ज्ञान प्रतियोगिता प्रारंभ की, जिसका दूसरा पेपर 16-11-08 को आयोजित हुआ। इसके परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे।

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि ट्रस्ट के एक बच्चे अभिषेक गर्ग ने कक्षा 10वीं में पूरे हरियाणा में 500 में से 488 अंक लेकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

अन्य 6 बच्चों ने 85% से 94% तक, 24 बच्चों ने 75% से 84% तक, तथा 22 बच्चों ने 65% से 74% तक अंक प्राप्त किए।

जहाँ पूरे हरियाणा का परिणाम केवल 28% आया था, वहीं हमारे 108 बच्चों में से 53 बच्चों की मेरिट आई, जो ट्रस्ट की सफलता का प्रमाण है। यह केवल आप सभी के सहयोग से संभव हो पाया है।

ट्रस्ट इन 53 बच्चों को इस अवसर पर पारितोषिक देकर सम्मानित करने जा रहा है।

यह मेरिट बच्चों की पढ़ाई के अंक, बाल संस्कार परीक्षा के अंक और उपस्थिति के आधार पर बनाई गई है।

इसमें प्रथम श्रेणी में 6 बच्चे, द्वितीय श्रेणी में 24 बच्चे तथा तृतीय श्रेणी में 22 बच्चे आए हैं।

माता धनपति देवी चैरीटेबल ट्रस्ट किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से चलाया जा रहा समाजसेवी संस्थान है, जिसमें कोई भी व्यक्ति सदस्य बनकर बच्चों की सहायता कर सकता है।

ट्रस्ट का सदस्य बनने के लिए ₹300 प्रति माह या इच्छा अनुसार अधिक राशि दान रूप में दी जा सकती है।

इस समय ट्रस्ट में 112 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं जो प्रत्येक माह बच्चों की शिक्षा में सहयोग देते हैं।

भविष्य में ट्रस्ट का लक्ष्य 150 बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह तभी संभव है जब आप सभी दिल खोलकर ट्रस्ट की सहायता करेंगे।

ट्रस्ट उन सभी का आभारी है जो हर महीने दान करते हैं और समय-समय पर अपना मूल्यवान समय देकर बच्चों को भविष्य बनाने में मदद करते हैं।

ट्रस्ट का संदेश

  1. यह हमारा कर्तव्य है कि प्रतिभावान बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग करें।
  2. आप सभी से अनुरोध है कि अपनी नेक कमाई में से ट्रस्ट के माध्यम से गोद लिए हुए बच्चों की सहायता करें।
  3. हमारे जीवन में इससे बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं कि हम ऐसे होनहार बच्चों को सही समय पर सहारा दें।
  4. यह एक महान यज्ञ है—इसमें तन, मन और धन से आहुति अवश्य डालें।

अंत में, मैं ट्रस्ट की ओर से सभी सदस्यों, बाल संस्कार समिति, जाँच समिति एवं चयन समिति का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने समय देकर बच्चों का चयन एवं प्रगति में सहयोग किया।

साथ ही मैं श्री लोकेश जैन (प्रबंधक, वैश्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल), प्रिंसिपल एवं स्टाफ का आभार प्रकट करता हूँ, जिन्होंने हर समय ट्रस्ट का सहयोग किया।

धन्यवाद

2006–07

प्रगति रिपोर्ट

माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट – परिचय

माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 23.01.2006 को दिल्ली में B-44, ईस्ट ज्योति नगर, लोनी रोड, शाहदरा, दिल्ली में की गई।

इसके बाद इस ट्रस्ट की एक शाखा 10.05.2006 को 598/33, गोपाल भवन, राम नगर, काठ मंडी, रोहतक (हरियाणा) में खोली गई।

ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य

इस ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे होनहार तथा गरीब बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा का पूर्ण दायित्व उठाना है, जिनके माता–पिता आर्थिक रूप से सक्षम न होने के कारण उन्हें पढ़ा नहीं पाते।

ट्रस्ट ने अपने प्रारम्भिक वर्ष में कुल 17 बच्चों को गोद लिया

इनमें से 10 बच्चे पढ़ाई में सफल एवं नियमित रहे, जबकि 7 बच्चों को पढ़ाई में रुचि न होने के कारण ट्रस्ट को उनकी सहायता रोकनी पड़ी।

गोद लिए गए बच्चों की सूची

  1. पारस — सुपुत्र श्री हरिश
  2. अमन कुमार — सुपुत्र श्री सुरेन्द्र सिंह
  3. अमीर बहादुर — सुपुत्र श्री धर्म बहादुर
  4. प्रकाश शर्मा — सुपुत्र श्री तारा चंद शर्मा
  5. हन्नी खुराना — सुपुत्र श्री गोपाल दास
  6. सुमित सिंघल — सुपुत्र स्व. श्री कृष्ण सिंघल
  7. आनंद अग्रवाल — सुपुत्र स्व. श्री प्रमोद अग्रवाल
  8. अभिषेक गर्ग — सुपुत्र श्री कृष्ण गर्ग
  9. पीयूष गोयल — सुपुत्र श्री महेन्द्र कुमार गोयल
  10. अभिषेक गर्ग
Sh. Hari Parkash GuptaS/o Sh. Chander Bhan GuptaH. No. 598/33, Gopal Bhawan, Ram Nagar, Kath Mandi, Rohtak
Smt. Asha GuptaW/o Dr. Jai Parkash GuptaM/s J.P. Surgical Hospital, Opp. Civil Hospital, Polytechnic Chowk, Ambala City
Dr. K.G. GuptaS/o Sh. Chander Bhan Gupta1-A, Tribune Colony, Ambala Cantt.
Sh. Ajesh GuptaS/o Sh. Shri Kishan Dass Gupta594/33, Ram Nagar, Naya Padav, Rohtak
Sh. R.L. Garg
Pocket No. B/5, H. No. 33-34, Sector-17, Rohini, Delhi
Sh. Ram Kumar Gupta
F/229, Prashant Vihar, New Delhi
Sh. Parveen SinghalS/o Lt. Sh. Om Parkash Singhal1/39/B, Nanda Road, Sarai Extension, Adarsh Nagar, Delhi
Dr. Prerna GargD/o Sh. R.L. GargPocket No. B/5, H. No. 33-34, Sector-17, Rohini, Delhi
Dr. Tushar GuptaS/o Dr. Jai Parkash GuptaM/s J.P. Surgical Hospital, Opp. Civil Hospital, Polytechnic Chowk, Ambala City
Dr. Mayank GuptaS/o Dr. Jai Parkash GuptaM/s J.P. Surgical Hospital, Opp. Civil Hospital, Polytechnic Chowk, Ambala City
Smt. Murti GuptaW/o Lt. Sh. Ram Charan GuptaF-220, Prashant Vihar, New Delhi
Sh. Manish GuptaS/o Sh. Hari Kishan Gupta10465, Huntersridge Place, San Diego, California (USA)